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Friday, 5 July 2019

महाकाल मेरे

सहस्र है अरि ,परि न भयभीत हु ,
महाकाली की जिव्हा खड्ग का मै मित हु ,
घोष रुद्र के डमरु की ताल मै भयाण सी ,
महाकाल को अर्पित काल का मै गीत हु

बिभत्स वत्स काल का नक्त प्रचंड घोर है
लक्ष हो सहस्र रिपु ,रुद्र गणो मे जोर है
असुरो के शुल आज खणक रहे अखंड से
त्रीशुलधारी शिवभैरव का मै भी मार्तंड हु

संकट के सामने उंचे बडे मंदर है
क्लेष तनमात्र न, शिव मेरे अंदर है
कुचल दे जो हलकेसे वो मै तेरा पैर हु
मेरे महाकाल मै तो तेरा ही अंश हु

बाजी©
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Tuesday, 10 April 2018

अल्फाज ए धडकन मोहब्बत ए वतन

फितरत ए सरहद बडी कातीलाना है
शायद बडी खुबसुरत हसिना है
©baaji_pandav

बहुत खुबसुरत होती है वह सफर
जिसमे साथ सिरफ
जज्बात ए दिल का होता है

बहुत खुशनुमॉ है वह जिंदगी जिसमे
खयाल बस हिंद का होता है

फर्ज ए रिश्ते निभा लेता है
हर कोई यहा लोगोसे
खुशनसिब बस तिरंगे मे लिपट कर
मा का ऋण
चुकानेवाला होता है

बाजी©

न मदीरा मे उतनी नशा है
न मदीराक्षी के रुप मे
जो न उतरती कभी वह सिर्फ
वतन ए मोहब्बत की नशा है

बाजी©

हम हिंद के गाझी है
वतनपर मिटने को राजी है
कोई रिश्ता नही उंचा इक
देशधरम से उपर
शत्रुंजय हम बाजी है

बाजी©

फिर गुंजेगी खनककर
समशेर हमारी
फिर होगा तांडव  रण मे इक
बार हमारा
हम हिंदु है अघोर रणप्रचंड
रुद्र के
फिर होगा अखंड हिंदुराष्ट्र हमारा
बाजी©

रो रही है धरती याद मे अपने बेटो की
     मिट गये जो  देशधरम पर वही
............सुखदेवभगत सिंग की
समय न हुआ थोडा अब तो
.... ...भुल गये है हम इनको
त्याग सिख ना पाये इनसे
          क्यो कहते है  वंशज इनकी।।
#बाजी

तुजसाठी मरुन पुन्हा तारका पुंज होईन
तेजाने अल्पशा माते अगणित पिढ्या घडविण
नाही अन्य मनिषा आज मम हृदयांतरी
फडकत राहो विजयध्वज उंच मेरुशिखरी

वंदे मातरम !

लीन थे हम दंगो मै
कोई रो कर सुबक रहा था
लडते पुत्रोको देख यहा
माँ का दिल तुट रहा था

समय नही था किसी को
सिसकारे उसकी सुननेका
बहते पवित्र मा के आसु
अपने हात से पोछने का

भुल गये क्या हम इतने मे
कैसे स्वतंत्र्यता हमने पाई थी
खुन बहा कर कैसे विरोने
एकता राष्ट्र मे लाई थी

बाजी©

..जाग उठा था हिंदुराष्ट्र
जुल्म सह के सालोसाल
सहीष्णुता की विफलता को
.......वह समझा था सालोबाद
आत्मघात है यह धरम के लिये
......... राख्यो रे थोडी लाज
हिंदुस्थान हमारा है
.........हर हिंदु था भाई आज
आयोद्ध्यामे बसा प्रभु
,,......देख रहा था राह आज
इतीहास बदला रे हमने
.......आज सहीष्णुता छोड ही दी
औकात भुल गये थे कुत्ते
........ लाथ मारणा जरुरी था
बाबरी ढह गयी थी
.......आज अयोध्या मुक्त हुई
.हिंदु नाम पर एक हुये हम
.......... इतीहास था बनाया आज......
#बाजी

अल्फाज ए धडकन series . दुनिया...

बहुत जादा महंगे होंगे वह पल हमारे
ऐ दोस्त
कितना भी कमाऊ खरिद नही पावुंगा
©baaji_pandav

इस दिल की गहराई
नापने पैमानो की जरुरत कैसी
जरुरत बस अम्लान नजर की है
साफ दिल सब युही बया कर देगा
बाजी©

झुठ के मुखौटे पहने है सब
न जाने क्यु हमे पहनाना
चाहते है
जानते  है हमारी फितरत कुछ
और है
फिर क्यु हमारी शख्सीयत
बदलना चाहते है

बाजी©

कहने को दोस्त बहुत है
मानने को रिश्ते बहुत है
सच  झुठ की  दुनिया मे
कैसे पहचानु
एकपर यहा मुखौटे बहुत है

बाजी©

देख पगली यह दुनिया गोल है
जिस जगह आज मै हु कल कोई और है
मरोडकर किसी दिल को न कर
गुरुर अपने शबाब ए हुस्न का
इस गम ए मोहबत के  गर्दीश मे
इस जगह आज मै हु जरुर कल तु है

बाजी©

हररात चर्चे चाँद के
जरुर हो सकते है
छोटे सितारो की चमक
को लोग नजरअंदाज
कर सकते है
फिर भी हम मश्गुल रहैंगे
अपने ही धुंद मे
किराये की रोशनी पे
चांद के और कितने दिन
चल सकते है !

बाजी©

गलत तो थे हम
न थे उसुल कभी
गरिब तो थे हम
न था यह मन कभी
बद्शक्ल है सुरत
न है  दिल कभी
मोहब्बत थी रुहसे
न थी जिस्म से कभी

©baaji_pandav

गलत तेरी सोच थी..

मै मोहब्बत कहता था
तु जिस्म मे
उलझ जाती थी !
©baaji_pandav

ठुकराकर किसी चीज को
यु अनदेखा कर छोडना नही
आँखोसे एकबार देखना जरुर
ठुकरानेपर कही वह टुटा तो नही .....

©baaji_pandav

कुछ वह जमाना भी था जो गुजर गया
वह लेकर साथ वक्त और उसुल गया
करता नही कोई बीनपैसे के यहा अब दोस्ती
औकात दोस्तीका पहला पैगाम बन गया
©baaji_pandav

नही खरिद सकता यहा दोस्ती मै
इस शहर मे अकेला ही ठिक हु
जाहीर सी बात है यह ए जमाने
मै यहा उतना अमिर नही हु
©baaji_pandav

Wednesday, 16 August 2017

गलती

जखम जखमपर देते जाना
अब
आदत तुम्हारी बनी हुयी है
अनुज समझ के माफ करने की
फितरत हमारी छुटी है
छोड दिया था उस घोरी को
दिल्लीपती चौहानने
बहलोल को छोड के मिट गये
प्रतापराव जवानी मे
हो गयी थी इतीहास मे ....
....कुछ गलतीया हमारी भी ...
क्या बार बार दोहराये इनको ...
..
.....
क्या सिख मिली इतिहास की.....
.......
....बाजी©

अल्फाज ए धडकन ..broken heart series

Y1]
   
दो दुनिया के रास्ते मिलतै हो जहा क्या मिल पायेंगे हम वहा
दुर क्षितिज की रेखाओ से क्या  लिख सकेगे दास्तान्
लब्जो का तो खेल नही है, इशारो से की बाते नही है
आपके खामोशी ने ही तो सारी बाते बया हुयी है
4]
मर कर तुझपे बरबादी होगी
 यह क्या हम  जानते थे ?
सौदेबाजी मे हारेंगे दिल
 क्या हम कभी जानते थे?
वैसे तो  कभी हारने की 
फितरत न थी हमारी
जब नजर ए मिलाफ हुआ 
तो हारने कि वजह मिल गयी

बाजी©

5]तेरे इश्कमै बुरे हालात का बेटा हु उसी बढाया मुझे

मै बुरे वक्त का चेला हु उसी ने पढाया मुझे 


मे बदनामी का डर रहा नही
बरबाद ए दिल के जिंदगी मे 
नाम की अब जरुरत क्या है 

इस दर्द की कोई दवा दिला दो
करे कबुल इबादत वो खुदा दिखा दो
यु घुटघुटकर नही जी सकते अब हम
कत्ल करे जज्बात ए दिल ऐसा जहर पिला दो

असर ए इश्क छा गया है कुछ इसतरह ए जान
कि अब अपने ही दिल मे खुदको ढुंढ रहा हु

सोचता हु बोल दु अब तुम्हे या नही
सोचता हु राज दिल के खोल दु या नही
फितरत हमारी कुछ बेजुबा यु अब
सोचता हु कागज पे लिख दु या नही 

होंगे जुदा जानते थे फिर भी वादा किया था 
गिर जायेगी दिवार ख्वाबोकी जानते थे
     फिरभी....वादा किया था
सुख जायेगा खुशीका तालाब जानते थे
     फिर भी......वादा किया था
जितेजी हमे मौत मिलेगी जानते थे
    फिर भी तुझे गलेसे लगाकर मरने  का
फिर भी वादा किया था
बाजी©
6]
 ना जान पावोगे हद ऐ दिवानगि
आजमाइश कर हद ए इश्क की
सीना चीर कर देखने का ख्वाब देख रही हो
वहा तो तु खुद का नाम  ही पाओगी
इम्तेहा की इस रस्म मे तुम बडी पछताओगी
मार के अपने आशिक को तु झे जालीम

7]
डरता था दिल कि किसी पर यु ही न आये उतर कर
कातील फितरत जानता था  बे वफा की
बाजी© 

८]
कुछ छोड गयी थी तुम शायद
कुछ लौटाना बाकी था
मिल गये थे हम राहो मे
बस पता पुछना बाकी था
कुछ भुल गयी थी तु  शायद
याद दिलाना जरुरी था
मेल बनाने कुछ लब्जो का
कुछ तो बोलना बाकी था
.
.बाजी©
10]
हम गैरो को अपना समझे 
यह गलती नही हमारी है
हर गैर मे तेरी मौजुदगी
यह दिल की दिवानगी है
मत समझ परवाना हमे
हम जल न सकेंगे तेरे लिये 
एक तमन्ना बसि है दिल मे
जिना ही है तेरे लिये
जिंदगी कि हर कदम पर 
एहसास यह होता रहा है
दिल तो बनाया रेखाओ से 
अब रंग बता भरना कहा है
#बाजी©
10)
अपनी हो तुम कहता है दिल 
समझ नही पाते हम कभी
नाम लिया जो तुने किसी का 
जल उठता है मन कभी 
क्या हलचल है नही जानते हम 
क्या तुम पहचान गयी हो
मोहब्बत करते है हम तुमसे
 क्या तुम जान गयी हो
बाजी©
11)
नाम लेता है तेरा  कतरा भी खुन का मेरे
सांस ढुंढती है गंध मोजुदीकी तेरे
आंखे ढुंढते है हर वक्त शबाब ऐ हुस्न तेरा
दिल धडकता है हरपल यादो मे तेरे
बाजी
12)
सवाल है रिश्ते मे कई लेकीन दिल जवाब ढुंढ नही सकता
मेरे हर बात का मतलब तुझे मै बता नही सकता
हर वक्त तुझे लगता है परेशान करता है सवाल मेरे
लेकीन सच तो यह है की ,
यह दिवाना इजहार ए मोहब्बत अभी कर नही सकता
बाजी©


१५] नही बचे मुकम्मल  अल्फाज
       जाने वाले कैसे रोक लु तुम्हे
       जिसने दी दिल खोलकर यादे
       उस से और क्या मांगु मै 
बाजी© 
16] तकलीफ हो तुझे
      ऐसा लब्ज नही बोलेंगे
       अकेले सह लेंगे हम
       अकेले मर जाएंगे
       गुमनाम खत की तरह
      बस याद मे रह जाएंगे
बाजी© 
17] 
19]ख्वाबो मे तेरा वजुद नही रहा
      अब आँखो ने मेरे सोना बंद कर दिया
      नही रोते हम तेरी याद से आजकल   
       है दिल ने धडकना बंद कर दिया
20
      दर्दद तमाशा दुनिया को दिखाना मक्सद नही शायरी का मेरे
      नही बोल सकते जिस दर्द को लकीरो मे दबा देते है 

21]क्या मोहब्बत मेरी तेरे लिए इक मजाक था
      मै एक खुषमस्करा और इश्क चुटकुला था
     वैसे दिख तो सब रहे थे साथी मेरे
      मगर जब दिल मे झाक कर देखा तो 
     अंधेरा नजर आया
बाजी© 
२२]
        23]
 क्यो लुटेरो के काफीले बदनाम है
 यहा लुटेरा जमाना है यारो
   नही होता दरिंदा जन्मसे कोई
 यह जमाना मजबुर बनाता है यारो
24]दिल्लगी इतनी ही थी मेरी ,
दियाँ थी वह परवाना मै था
परवाह नही थी उसे दिवाना मै था 

बाजी©
२४]ऐ हवा 
 वह नही जाती बता के ,खाली तु तो देखा कर
 उस अपने की गंध से मुझे मोजुदगी बताया कर 
बाजी© 

न कोई बात होगी
न मुलाकात होगी 
होगी तो बस अब  
उसकी बारात  और
मेरी जनाजा ए मौत होगी
©baaji_pandav

ए मोहब्बत की मेरे
मुकदमेमे न कोई सुनवाई
न मुआफी होगी 
होगी तो बस अब 
मुझे सजा ए मौत  होगी

©baaji_pandav

उनको नजरअंदाजगी की वजह
नही है अब
दिल की मय्युसियत की दवा
नही है अब 

©baaji_pandav

हम तो साथ परछाई के 
तक काट लेंगे जिंदगी  
बस्स अब सुरज तेरा 
तेरे सरसे हटने की देर है
©baaji_pandav

काश 
तु उस दिन 
न हसी होती 
तेरी मुस्कान पे यह 
जान न कुर्बान होती

©baaji_pandav

काश मै तेरे हाथ की वह कलम होता
उस बहाने ही सही मै तेरे साथ होता
बोल नही सकती जो मन की बात तु
  अपने आल्फाजो मे सही उतार देता

©baaji_pandav

काश तेरे अंबर का 
बादल मै बना होता 
तेरे हर एक रंग को
खुदसे यु सजा पाता 
फिर
भिगोने तेरे दिल को
यु कभी बरस जाता
©baaji_pandav

काश की तेरे साँसो की 
गंध मै बन पाता 
उस गंध को जिने
की जरुरत बना लेता
तु बन जाती रंग होली का 
और मै रंगनेवाला
पाणी ही बन पाता
©baaji_pandav

काश जिंदगी का हर
लम्हा तेरे संग जी लेता
हर सुखदुःख को मेरे
तेरे हसीं पे लुटा पाता 
नही था मै उतना खुशनसिब
काश तेरे दिल को यु
दिलसे मेरे जोड पाता 

©baaji_pandav

काश तेरे मन मे यु 
अपने की तरह रह पाता 
परछाई बनकर तेरी मै
ठंडक की तरह समा पाता
नही थी मेरे नसिब मे
तुम्हारी मोहब्बत कभी भी
काश तेरे दिल को यु
अपने हातो से मै रंग पाता
©baaji_pandav

जालीमो भरी दुनिया मे इन्सानसे वफा उम्मीद ना कर 
कभी जानवरो से लगाव कर वफा की बखान जानोगे
बाजी©

8]
इस गलतफहमी ना रह की हम भुल ना पायेंगे तुझे 
पथ्थर भी नरम हो जाते हे समय से लडते हूये

9]दुआ भी उसकी खैरत 
की मांगता रह वह
बदनसिब 
तुट चुका था जो न लब्ज
बोलणे लायक था
हर वो बहाणा आपकी 
चाहत का 
दफना रहे है आसुओ 
के समंदर तले
अब आशिकी बस मौत से है !


बाजी©

कुछ इस कद्र टुट चुके थे हम
न देखा पलटकर उन्होने
न हमने उन्हे पुकारा 

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बाजी©
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Tuesday, 30 May 2017

अल्फाज ए धडकन

इस गलतफहमी ना रह की हम भुल ना पायेंगे तुझे
पथ्थर भी नरम हो जाते हे समय से लडते हूये

जालीमो भरी दुनिया मे इन्सानसे वफा उम्मीद ना कर
कभी जानवरो से लगाव कर वफा की बखान जानोगे

डरता था दिल कि किसी पर उतर नाआये यु ही
क्युकी
कातील फितरत जानताथा  बे वफा की

आहेस काय नाहीस फरक तो कसला जीवनी
जीव रमावा असे का नाहीच त्रीभुवनी?
तुच काय ती चंद्रीका की मदनिका स्वर्गाची
गरज काय तुझी स्वच्छंद मस्त या जीवनी

: रम्य पहाटे जशी शुक्राची तारका तु संगिणी
मुग्ध जाहलो पाहत तुजला भान स्वये विसरुनी
बोलत होतीस तु मी ऐकत होतो गुंग शुन्यातुनी
समय कसा का स्तब्ध जाहला जगास विसरुनी

     दिल के राज कभी छिप नही सकते
  बनकर धडकन सुनाई तो देंगे
भरोसे का मजाक बनानेवाले
    कभी तो संजीदा होंगे
दिलग्गी हारना तो आमबात होती है
जिंदगी मे दिल्लगी अपनी जगह होती है

अल्फाजो मे रह गया प्यार ये न समज तु
क्युकी टुटे दिल के अल्फाजो से ही तो
मुहब्बत की शायरीया होती है !

बाजी©

मर कर तुझपे बरबादी होगी ये क्या हम कभी जानते थे ?
सौदेबाजी मे दिल की हारना क्या हम कभी जानते थे?
वैसे तो  कभी हारने की फितरत न थी हमारी
जब नजर ए मिलाफ हुआ तो हारने कि वजह मिल गयी

ये रास्ते जहाँ के मिलतै हो जहा क्या मिल पायेंगे हम वहा
दुर क्षितिज की रेखाओ से लिख सकेगे दास्तान
लब्जो का खेल नही है मनगढंत की बाते नही है
आपके खामोशी ने तो सारी बाते बया हुयी है

मोहब्बत की है तो चाहे अब तुफान आजाये
हमारी भरी जिंदगी मे चाहे सैलाब आ जाये
दम आगया इन धडकनो तेरे साथ होनेसे
अब मेरे खिलाफ शैतान तो क्या भगवान आ जाये

होंगे जुदा जानते थे फिर भी दिल्लगी की थी हमने
गिर जायेगी दिवार ख्वाबोकी जानते थे
     फिरभी....
सुख जायेगा खुशीका तालाब जानते थे
     फिर भी......
जितेजी हमे मौत मिलेगी जानते थे
    फिर भी दिल्लगी कि थी हमने

नाम लेता है तेरा  कतरा भी खुन का मेरे
सांस ढुंढती है गंध मोजुदीकी तेरे
आंखे ढुंढते है हर वक्त शबाब ऐ हुस्न तेरा
दिल धडकता है हरपल यादो मे तेरे

अपनी हो तुम कहता है दिल पर समझ नही पाते हम कभी
नाम लिया जो तुने किसी का जल उठता है मन कभी
क्या हलचल है नही जानते हम क्या तुम जान गयी हो
मोहब्बत कहते है लोग जिसे क्या तुम हमसे कर रहे हो

बाजी©

जमाने कि फितरत जानते है
युही हम मजाकिया नही रहते
हसकर दुनिया को बताते कुछ और है
अक्सर दबाते दिल मै दर्द कुछ और है
बाजी©

खुंखार कहते हो हमे कभी दिल मे झाक कर देख लेना
बिनफूलोवाले चंदन की अंदर की सुगंध को पहचान लेना

बाजी

एक बार तुटे तो शिशा जोड नही सकते
तुटे हुये दिल को और तोड नही सकते
मुहब्बत की है आपसे क्या लगा
चाहे सालो बीत जाये
हम आपको भुल तो नही सकते

बाजी

खामोश रहे हम कुछ दिनो देखना चाहते थे
क्या किमत है दिलमे हमारी
कहना चाहते थे दिल की बात
आपकी खामोशीया सब बयाँ कर गयी

नफरत न कर हमसे इतनी की
हम दिल से तुट जाये
छोड दे जाहील अगर शिकवा है दिलमे
इससे पहले की हम मर जाये

अजिब दास्ताँ है हमारी ,
  दिल धडकता है पर एहसास नही है
  दर्द है जिंदगी मे पर चेहरे पर मुस्कान रही है

तुझे याद न करु ऐसा पल नही
तु नही जिसमे ऐसा खयाल नही
चांद चांद साथ न हो वो रात रात नही
वह मुहब्बत ही क्या जिसमे इंतजार नही

मेरा खोया हर खयाल तु है
मन मे खुशी की बरसात तु है
भले ही आपको हमसे मुहब्बत नही
पर मेरे जिंदगी की अमानत तु है
बाजी©

Friday, 19 May 2017

Dedicated to crpf शहीद जवान जे नक्षलींशी लढताना शहीद झाले !

गौर करो यह बात शहीदो मत समझना तुम चल बसे हो
दिल धडकता है जो सीने मे आग वहा तुम लगा गये हो
मौत तुम्हारि ना कर पायेगी  हौसले खारिज हमारे आज
देखृना शहादत रंग लायेगी इस मुल्क मे सालोसाल
एक दिन अरुणोदय होगा ,महारुद्र का तांडव होगा
देशद्रोही पर कयामत वाला दिन हिसाबी जब आयेगा
वचन देकर कहते है हम सिपहसालार ऐ हिंदोस्ता
ना बचने देंगे हात हथियार ना रहने देंगे द्रोही इरादे
ना नसिब होना है कृफन हरामी ना खुदनी है कबरे
दुआ कर ऐ दुश्मन आज हमे रहम आ जाये
वरना दिल तो यही कहे है चल कत्ले आम तेरी होनी है

बाजी©

Thursday, 18 May 2017

आजमाइश ए इश्क

तुम ना जान पावोगे हद ऐ दिवानगि

आजमाइश कर हद ए इश्क की

सीना चीर कर देखने का ख्वाब देख रही हो

वहा तो तु खुद का नाम  ही पाओगी

इम्तेहा की इस रस्म मे तुम बडी पछताओगी

मार के तेरे आशिक को तु भी जालीम

                कौनसी मोहब्बत पाओगीgg

खामोशी


ये रास्ते जहाँ के मिलतै हो जहा क्या मिल पायेंगे हम वहा
दुर क्षितिज की रेखाओ से लिख सकेगे दास्तान
लब्जो का खेल नही है मनगढंत की बाते नही है
आपके खामोशी ने तो सारी बाते बया हुयी है

बाजी©Hh

अल्फाज ए शायरी


     दिल के राज कभी छिप नही सकते
  बनकर धडकन सुनाई तो देंगे
भरोसे का मजाक बनानेवाले
    कभी तो संजीदा होंगे
दिलग्गी हारना तो आमबात होती है
जिंदगी मे दिल्लगी अपनी जगह होती है

अल्फाजो मे रह गया प्यार ये न समज तु
क्युकी टुटे दिल के अल्फाजो से ही तो
मुहब्बत की शायरीया होती है !

बाजी©

पानिपत काव्य

प्रलयलोटला सागर उठला  खणाणल्या समशेरी महाभारतासम रण दिसले कुरुक्षेत्राची भुमी भाऊ सदाशिव रणात तांडव काळाग्निसम करीत भिडले शिंद्याचे रण भैरव ...